विशेष प्रतिनिधि।
नई दिल्ली, 21 फरवरी। शाहीन बाग में सड़क पर से मुस्लिम महिला प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित मध्यस्थता टीम की सदस्या साधना रामचंद्रन गत दिवस शाहीन बाग में आने के बाद वहां पर प्रदर्शनकारियों द्वारा नारेबाजी को देखकर भड़़क गई। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा शाहीन बाग में प्रदर्शन कर रही महिलाओं को हटाने के लिए दो सदस्य टीम का गठन किया था। इसमें संजय हैगडे़ तथा साधना रामचंद्रन को यह दायित्व सौंपा गया था कि वह शाहीन बाग में जाकर प्रदर्शनकारी महिलाओं को सड़क पर से हटने के लिए सहमत कराएं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के वार्ताकारों के यहां आने के पहले दिन करोड़ों रुपए के विदेशी फंड में घोटाले की आरोपी तीस्ता सीतलवाड ने शाहीन बाग में आकर यहां पर मौजूद महिलाओं को यहां से हर हालत में न हटने का पाठ पढ़ा दिया था। इसके पश्चात ही यह बात साबित हो गई थी कि यह लोग नहीं चाहते कि इस मसले का समाधान हो। यही कारण है कि वार्ताकार के दूसरे दिन समझाने के लिए आने पर वहां पर प्रदर्शनकारी महिलाओं ने नारेबाजी करनी शुरु कर दी। इस रवैये को देखकर साधना रामचंद्रन परेशान हो गई। उन्होंने यहां तक कह दिया कि इस माहौल में वार्ता का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। अगर ऐसा ही बर्ताव रहा तो हम लोग बातचीत को ही बंद कर देंगे। इसके बाद वार्ताकारों के खिलाफ नारेबाजी शुरु हो गई। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त वरिष्ठ वकील संजय हैगड़े व साधना रामचंद्रन कल दोपहर लगभग तीन बजे शाहीन बाग पहुंचे थे। दोनों ही मंच पर से प्रदर्शनकारी महिलाओं को संबोधित कर रहे थे। कुछ महिलाओं को सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर सवाल उठा दिया। इससे साधना रामचंद्रन नाराज हो गईं। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी 20 लोगों की सूची दे, जिससे किसी दूसरे स्थान पर वार्ता की जा सके।
गौरतलब है कि इसके बाद वहां पर शांति हो गई तथा वहां पर मौजूद महिलाओं ने वार्ताकारों से कहा कि जब तक सुप्रीम कोर्ट द्वारा काले कानूनों को वापिस नहीं लिया जाएगा। तब तक यह प्रदर्शन जारी रहेगा। यह प्रदर्शन हमारे अस्तित्व का प्रतीक बन गया है। अब हम इससे पीछे नहीं हट सकते। इस पर वार्ताकार साधना ने कहा कि वह प्रदर्शनकारियों के प्रदर्शन के अधिकार से सहमत हैं। लेकिन प्रदर्शन करने के अधिकार के साथ ही प्रदर्शन से किसी को परेशानी होनी नहीं चाहिए। क्या कोई ऐसा रास्ता निकल सकता है कि जिससे प्रदर्शन भी होता रहे तथा अन्य क्षेत्रों के लोगों को इससे परेशानी भी न हो। इसके पश्चात प्रदर्शनकारी महिलाओं की तरफ से एक वैकल्पिक मार्ग सुझाया गया। इस मार्ग पर वार्ताकार संजय हैगड़े तथा साधना रामचंद्रन ने जाकर मुआयना किया। इसके पश्चात उन्होंने वहां पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से इस मार्ग के बारे में बातचीत भी की। इसके पश्चात दोनों वार्ताकार वहां से चले गए। अब तीसरे दिन आज यह वार्ताकार फिर शाहीन बाग आएंगे। ऐसा लगता है कि इस मसले का हल वार्ताकारों के सामर्थ से बाहर है। इस स्थान पर कुछ लोग ऐसे हैं, जो नहीं चाहते कि यह मसला हल हो।