कांग्रेस ने चुनाव नतीजे आने से पहले अपनी हार को स्वीकार किया

कांग्रेस ने चुनाव नतीजे आने से पहले अपनी हार को स्वीकार किया
राहुल गांधी का लटठ मार अभियान फुस्स हुआ
विशेष प्रतिनिधि। 
नई दिल्ली, 10 फरवरी। चुनाव मतदान होने के पश्चात कल 11 फरवी को दिल्ली विधान सभा नतीजे आ जाएंगे। इन चुनावों में प्रचार के दौरान भाजपा और आम आदमी पार्टी के मुकाबले में कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से फिसड्डी साबित हुई। इस कारण यह बताया जाता है कि कांग्रेस पार्टी तथा आम आदमी पार्टी के बीच पहले से ही अंदर खाने डील हो गई थी। यही कारण है कि कांगे्रस पार्टी ने चुनाव प्रचार के दौरान कहीं भी संजीदगी नहीं दिखाई। मतदान के दिन भी कांग्रेस पार्टी ने अपने प्रत्याशियों की तरफ से उपेक्षित ही भाव दिखाई दिया। आलम यह रहा कि विधान सभा के क्षेत्रों में अनेक मतदान केंद्रों के बाहर पार्टी एजेंटों की टेबिल तक नहीं दिखाई दी। यहां तक कि सोशल मीडिया पर भी कांग्रेस सक्रिय नजर नहीं आई। 
चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने अपने लटठ मार अभियान की बात कहकर अपनी कमजोरी ही जाहिर की। इसके अलावा चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस के तथाकथित स्टार प्रचारक भी कहीं भी नजर नहीं आए। मतदान के समय कांग्रेस की प्रत्याशी अलका लांबा एक आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता को थप्पड़ मारने का प्रयास करते हुए अवश्य दिखाई दी। इसके अलावा बल्ली मरान के प्रत्याशी हारुन  युसूफ अपने क्षेत्र में सक्रिय नजर आए। चुनाव मतदान के पश्चात हारुन यह कहते हुए नजर आए कि उनकी पार्टी को एग्जिट पाॅल पर यकीन नहीं है। इतना अवश्य है कि उनकी पार्टी को सत्तर कुल सीटों में से 10 से 12 तक सीटें आ सकती हैं। 
इस बात में कोई शक नहीं कि इस चुनाव के नतीजे मुख्य रुप से भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच ही मुकाबला दिखाएंगे। कांग्रेस इस बात पर भरोसा कर रही है कि आम आदमी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिल सकेगा। इस स्थिति में कांग्रेस पार्टी उसको समर्थन देकर सरकार में शामिल हो जाएगी। 
पहले यह बताया जा रहा था कि स्वास्थ्य खराब होने के कारण पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी जनसभा भले ही न कर पाई हो लेकिन उनका वायस मैसेज अवश्य प्रसारित किया जा सकता है लेकिन ऐसा हुआ नहीं। लगता है कि कांग्रेस पार्टी अपनी कमजोर स्थिति को अच्छी तरह समझ गई थी। इसी कारण पार्टी ने चुनाव की तैयारियों पर एक तरह से औपचारिकता ही निभाई। ऐसा लगता है कि प्रदेश की अधिकांश सीटों पर मुख्य मुकाबला भाजपा और आम आदमी के बीच ही रहा। कुछ ही सीटों पर कांगे्रस मुकाबले में दिखाई दी। यहां पर पार्टी नहीं बल्कि उम्मीदवार अपने दम पर चुनाव लड़ते हुए दिखाई दिए। कांग्रेस का रवैया विशेषज्ञों के लिए भी हैरान करने वाला था। शनिवार को मतदान के समय कांग्रेस प्रदेश कार्यालय वीरान पड़ा हुआ था। वहीं उसका नियंत्रण कक्ष और वार रुम भी चुनाव खत्म होने से पहले ही सिमटता हुआ नजर आया। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने वोट डाला लेकिन वह मीडिया को कोई बाइट दिए बिना ही चले गए। इतना अवश्य है कि सोनिया गांधी व प्रियंका वाड्रा ने मतदाताओं से अधिकाधिक मतदान करने की अपील की थी।